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भारत और इंडोनेशिया ने ₹5,000 करोड़ से अधिक के रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए
Md Hozaifa
Published: Jul 7, 2026 • Hindi
भारत–इंडोनेशिया के बीच ऐतिहासिक रक्षा समझौता: भारत की बढ़ी वैश्विक ताकत

भारत ने वैश्विक मंच पर एक और बड़ी कूटनीतिक सफलता हासिल की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान दोनों देशों ने रक्षा, अंतरिक्ष, कृषि, महत्वपूर्ण खनिज (Critical Minerals) और समुद्री सुरक्षा समेत कई अहम क्षेत्रों में बड़े समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।
रक्षा समझौता: भारत की बढ़ी वैश्विक ताकत
भारत ने पहली बार इंडोनेशिया को स्वदेशी ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल और अस्त्र एयर-टू-एयर मिसाइल उपलब्ध कराने की दिशा में आगे बढ़ा है। यह सौदा लगभग 630 मिलियन अमेरिकी डॉलर का माना जा रहा है। इस समझौते से भारत की रक्षा निर्यात क्षमता को नई पहचान मिलेगी और "मेक इन इंडिया" को वैश्विक स्तर पर बड़ी मजबूती मिलेगी।
व्यापक सहयोग: हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और समुद्री सुरक्षा
दोनों देशों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, समुद्री सुरक्षा और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने का संकल्प लिया है। साथ ही स्टेनलेस स्टील उत्पादन, सप्लाई चेन और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में नई साझेदारियों की घोषणा की गई है।
रणनीतिक संतुलन: हिंद महासागर और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में प्रभाव
भारत और इंडोनेशिया के बीच यह समझौता केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हिंद महासागर और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक संतुलन को भी प्रभावित करेगा। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस साझेदारी से भारत की सैन्य तकनीक पर दुनिया का भरोसा और बढ़ेगा तथा आने वाले वर्षों में अन्य देशों के साथ भी ऐसे बड़े रक्षा सौदे होने की संभावना मजबूत होगी।
इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से भी सम्मानित किया गया है।
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